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KARAN SINGH BHATU (U.P.)-श्री करण सिंह भाँतु - मुरादाबाद
श्री करण सिंह भाँतु - मुरादाबाद (U.P.) वाले भाँतु संघर्ष की जीती जागती मिशाल है जो देश की आजादी के समय से भाँतु समाज के उत्थान, विकास के लिए निरन्तर आज तक संघर्ष कर रहे हैं उनकी आयु 100 वर्ष से अधिक हो चुकी हैं इन्होंने ही 11 अप्रैल 1960 को सोलापुर (महाराष्ट्र ) में विभुक्त जांतियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया उसमें देश के तत्कालीन प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को आमंत्रित करके भाँतु समाज की समस्या से अवगत करवाया था।श्री करण सिंह जी का जन्म 20 अगस्त 1910 को श्री कन्हैयालाल मिणें के यहाँ नजीबाबाद किला सेंटलमेंट में हुआ जहाँ भाँतु समाज को अंग्रेजों ने बंदी बना रखा था। यही वो जगह हैं जहाँ बाद में प्रसिद्ध डाकू सुल्ताना भाँतु के गिरोह का उदय हुआ था|
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MOORCHAND BHAT-(PUNE)-प्रसिद्ध भाँतु समाज सेवी एडवोकेट श्री मूरचन्द जी भाट (माछरे)
अखिल भारतीय सहँसमल भाँतु समाज संघ (रजि.) के पूर्व अध्यक्ष व इस संगठन के संस्थापकों में से महत्वपूर्ण व्यक्तित्व है जो एक साधारण परिवार से होने के बावजुद पूरे भारत में भाँतु समाज को संगठीत विकसित करने में जीवन व्यतीत कर दिया। कांग्रेस पार्टी में भाग लेकर पार्षद भी बने। शरद चन्द्र पंवार जी के नेतृत्व में राजनीति में सक्रिय है। जिनको महाराष्ट्र के कर्इ राजनीति दिग्गजों से सम्बन्ध है इन्होने भाँतु समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के लिए संसद, पूर्व प्रधानमंत्री श्री देवगौड़ा आदि तक प्रयत्न किया तथा आज तक भाँतु समाज के विकास व जागृति के लिए संघर्ष कर रहे है। श्री मूरचन्द जी का जन्म 1 मइ 1950 को पुणे (महाराष्ट्र ) में साँसी जाति के बिडडू खानदान के माछर गोत्र में हुआ।
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KAVICHAND BHAT (PUNE) : कविचंद जी भाट PRESITENT ALL INDIA SANSMAL BHANTU SAMAJ SANGH
भाँतु समाज के प्रथम व्यक्ति हैं जो पिंपरी (पूणे) महाराष्ट्र में महापौर (मेयर) का पद हासिल किया तथा वहाँ के साँसी भाँतुओं को कच्ची बस्ति से फ्लेट बनाकर दिये। भाँतु समाज सेवक व राजनीति में भी सक्रिय है। अखिल भारतीय सहंसमल भाँतु समाज सँघ के वर्तमान अध्यक्ष महोदय, भाँतु समाज को संगठीत व विकसित करने के लिए संघर्षरत है कविचंद जी भाट के प्रयास से अंडमान-निकोबार में भी भाँतु सम्मेलन हो चुका है जहाँ ‘काला-पानी’ की सजा भुनते हुए भाँतु परिवार के वंश बसे हुए है।
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BIBHISHAN TAMAYCHI-(PUNE)-श्रीमान विभीषण धरम सिंह तमायची
महाराष्ट्र के साँसी समाज के सरपंच व सम्मानीय व्यक्ति है जिनका ध्येय अपना जीवन सच्चा न्याय देने व सामाजिक कार्यो में योगदान करना ही रहा है। जाति के नाम से अपमानित करने से विद्रोह कर दिया व सरकारी नौकरी त्यागनी पडी। समाज को संगठीत करने व भाँतु समाज को सम्मानित, विकसित करने के लिए सहसमल संगठन संघ के साथ संघर्ष कर रहे है। साथ ही पंचायती व्यवस्था में सुधार कार्य करते रहे है। नवयुवकों को संगठीत व आगे आने के प्रेरणदायक रहे है।
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Dr. KETAN ANAND INDREKAR-GUJRAT- डॉ. केतन भाइ इन्द्रेकर
छारा (साँसी) जाति के अहमदाबाद (गुजरात) निवासी है भाँतु समाज में सबसे अधिक शिक्षित व्यक्ति है जिन्होने M.Com, M.Ed (Double),M.Phil, LLB तथा PH.Dभी कर रखी है। डॉ. केतन भाइ बारहवी कक्षा तक का निजी स्कूल का संचालन भी कर रहे है तथा साथ में प्रथम कक्षा से बारह कक्षा तक गरीब दलित बच्चों के लिए नि:शुल्क भोजन, फीस, कपड़े व आवास के लिए सेवार्थ हॉस्टल भी चला रहे है जो भाँतु समाज को सहृदय से शिक्षित व विकसित करने का एक प्रशंसनीय उदाहरण व महान मानवीय कार्य है। श्री केतन भाइ समाज सेवा में अग्रणी है तथा बाल कृष्ण रेणके आयोग (एन.टी,डी.एन.टी.) के गुजरात के अधिकृत मेम्बर रह चुके है वर्तमान में छारा, आडोडिया (साँसी) समाज गुजरात के अध्यक्ष पद पर सफल समाज सेवा कर रहे है। भाँतु समाज को श्री केतन इन्द्रेकर पर गर्व है तथा बहुत आशाएँ भी है विविध प्रतिभा के धनी श्री केतन म्युजिकल ग्रुप का संचालन भी करते है समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का प्रयास निरंतर कर रहे है।
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